Fikra Kis Bat Ki

जब अच्छाई के राह पर ही चलना है तो फिर फिक्र किस बात की?
जब अच्छे रास्ते पर चलते है तो यह मत सोचिये कि लोग हमारी तारीफ़ कर रहे है या नहीं ?
और न ही यह सोचिये कि लोगो को हमारे कार्य का पता चलता है या नहीं ?
क्यूंकि जब हम अच्छाई और सच्चाई के रास्ते पर चल रहे होते है तो भगवान स्वयं हमे देख रहे होते है
और हमारा साथ भी दे रहे होते है ।
जिसके पास दुनिया वाले लोगो को बनाने वाले का साथ हो ,
तो फिर वह क्यों सोचे कि दुनिया में रहने वाले उसके साथ है या फिर खिलाफ ?
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